अयोध्या अलर्ट: अपराधियों की अब खैर नहीं! 1000 AI कैमरों के साथ बदल रही है रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था
अयोध्या | 10 मार्च, 2026

रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अभेद्य व हाईटेक बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अयोध्या की सुरक्षा सिर्फ मानव निगरानी पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभाएगी।
बड़ा निवेश और नया सेटअप: जिला प्रशासन ने सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 56 लाख रुपये की लागत से 1000 नए AI-आधारित स्मार्ट कैमरे लगाने की योजना को मंजूरी दी है। इन्हें जिले की सीमाओं, प्रमुख मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर प्राथमिकता से लगाया जाएगा
मौजूदा नेटवर्क का विस्तार: वर्तमान में अयोध्या में पहले से ही 8041 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं जो पुलिस और प्रशासन को मदद दे रहे हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, AI कैमरों को जोड़ना अब जरूरी हो गया था।
AI की ‘स्मार्ट’ क्षमता: इन कैमरों की खासियत यह है कि ये संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों को खुद पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे। उदाहरण के लिए, अगर कोई किसी सार्वजनिक स्थान पर लावारिस वस्तु छोड़ता है, तो कैमरा तुरंत अलर्ट जनरेट कर देगा।
फेस रिकॉग्निशन तकनीक: इसमें ‘फेस रिकॉग्निशन’ का फीचर होगा, जिससे किसी भी राज्य का वांटेड अपराधी जैसे ही अयोध्या की सीमा में प्रवेश करेगा, सिस्टम उसकी पहचान कर पुलिस को सतर्क कर देगा।
24/7 निगरानी: इन कैमरों में नाइट विजन (Night Vision) की सुविधा भी होगी, जिससे कम रोशनी या रात के समय भी हाई-क्वालिटी फुटेज मिल सकेगी। इससे अयोध्या में 24 घंटे प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनगरी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और निर्बाध वातावरण प्रदान करना है।





